चूरू में युवक की मौत पर बवाल: डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप, अस्पताल के बाहर धरना

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Churu News: राजस्थान के चूरू जिले के राजलदेसर कस्बे में एक युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर सही इलाज और रेफर नहीं किए जाने की वजह से युवक की जान चली गई।

घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

बाइक हादसे के बाद अस्पताल पहुंचा था युवक

मिली जानकारी के अनुसार राजलदेसर निवासी 33 वर्षीय रामूराम भाट 16 मई को बाइक दुर्घटना में घायल हो गए थे। हादसे के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए स्थानीय सीएचसी लेकर पहुंचे।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक को घर भेज दिया। इसके बाद घर पर ही उसका इलाज चलता रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।

दो दिन बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

परिजनों के मुताबिक दो दिन बाद रामूराम की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल लाया गया। इस दौरान परिवार ने डॉक्टरों से युवक को तुरंत बड़े अस्पताल रेफर करने की मांग की, लेकिन समय रहते रेफर नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाज और रेफर करने में हुई देरी ने युवक की हालत को और गंभीर बना दिया।

बीकानेर ले जाते समय रास्ते में हुई मौत

स्थिति बिगड़ने पर बाद में युवक को बीकानेर रेफर किया गया। परिजन उसे गंभीर हालत में बीकानेर लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। इसके बाद गुस्साए लोग शव को वापस राजलदेसर अस्पताल लेकर पहुंचे और अस्पताल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए।

मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मृतक परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगें नहीं मानता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन और पुलिस कर रहे समझाइश

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। बीसीएमएचओ डॉ. मनीष तिवाड़ी और थानाधिकारी सुरेंद्र बारूपाल सहित अन्य अधिकारी परिजनों और ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।