अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में Trump Iran Statement में ईरान को सख्त चेतावनी दी है। अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर जुल्म जारी रखा या कोई अनहोनी हुई, तो ट्रंप ने कहा कि पूरा देश तबाह हो सकता है। यह बयान Iran US Tension को नई ऊंचाई दे रहा है, जहां दोनों देशों के बीच पहले से ही तलवारें खिंची हुई हैं।
Trump Warning To Iran: क्या है पूरा मामला, और क्यों बढ़ रहा तनाव?
ईरान में पिछले हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जो शासन के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया कि प्रदर्शनकारी जारी रखें, और “help is on its way”। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अमेरिका “strong action” लेगा। लॉजिक सिंपल है – ट्रंप ईरान में सत्ता बदलाव चाहते हैं, और मिलिट्री एक्शन को ऑप्शन के तौर पर रखा है।
ह्यूमर की बात? ट्रंप कहते हैं “take over your institutions”, जैसे कोई रिवॉल्यूशनरी मूवी का सीन हो – लेकिन रियलिटी में यह Middle East Crisis को और भड़का सकता है!
Iran US Tension: ट्रंप की ‘ऑल-आउट वॉर’ पर क्या जवाब?
ईरान ने ‘all-out war’ की धमकी दी थी, जिस पर ट्रंप ने NewsNation इंटरव्यू में कहा कि अगर उन्हें (ट्रंप को) कुछ हुआ तो ईरान को “wiped off the face of this earth” कर देंगे। उन्होंने “blow up the whole country” की बात कही। यह बयान 21 जनवरी 2026 को आया, जब ट्रंप ने पहले से ही ईरान को नोटिफिकेशन दे रखा है। लॉजिकली सोचें – ट्रंप का मैक्सिमम प्रेशर कैंपेन ईरान को सबमिशन में लाना चाहता है।
ईरान का क्रैकडाउन जारी है, इंटरनेट ब्लैकआउट और मौतें हो रही हैं – क्या ट्रंप की चेतावनी से हालात सुधरेंगे या बिगड़ेंगे?
Trump Iran Statement: प्रदर्शनकारियों को क्यों सपोर्ट कर रहे ट्रंप?
ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से कहा कि दमन करने वालों के नाम याद रखें। उन्होंने ईरान को वॉर्न किया कि एग्जीक्यूशन रोके, वरना स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स आएगा। 14 जनवरी को ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एग्जीक्यूशन रोक दिए हैं, लेकिन मिलिट्री एक्शन को टेबल से हटाया नहीं। Middle East Crisis में अमेरिका की मिलिट्री बिल्डअप बढ़ रही है, और ट्रंप Starlink से ईरान में इंटरनेट रिस्टोर करने की बात कर रहे हैं।
हंसिए मत, लेकिन ट्रंप ईरान को ‘rescue’ करने की बात कर रहे – जैसे कोई सुपरहीरो फिल्म!
Middle East Crisis: मिलिट्री स्ट्राइक का खतरा?
ट्रंप की टीम साइबर, इकोनॉमिक और मिलिट्री ऑप्शन्स पर विचार कर रही है। ईरान के सुप्रीम लीडर को स्ट्राइक की वॉर्निंग मिल चुकी है। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप ईरान की कमजोरी का फायदा उठाकर स्ट्रैटेजिक सबमिशन चाहते हैं। लेकिन लॉजिक यह है – ज्यादा प्रेशर से रीजनल अस्थिरता बढ़ सकती है।
ईरान ने ट्रंप को राजनीतिक डेस्टेबलाइजेशन का आरोप लगाया, लेकिन ट्रंप पीछे नहीं हट रहे।




