जयपुर में वायरल दावा: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश – आगे-पीछे से फोटो वाले चालान अब मान्य नहीं? सच क्या है?

Supreme Court Chalan Aadesh 2026: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश – आगे-पीछे से फोटो वाले चालान अब मान्य नहीं? सच क्या है?

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Supreme Court Chalan Aadesh 2026: कल्पना कीजिए, आपकी कार पर पुलिस ने आगे-पीछे से फोटो खींचकर चालान काटा और आप सोच रहे हैं – अब ये कोर्ट में मान्य नहीं रहेगा! सोशल मीडिया पर ये दावा तेजी से वायरल हो रहा है – “1 जनवरी 2026 से सुप्रीम कोर्ट ने आगे-पीछे की फोटो वाले चालान अमान्य कर दिए, ड्राइवर के हस्ताक्षर अनिवार्य!” जयपुर और राजस्थान में लोग खुश हैं, लेकिन क्या ये सच है? आइए फैक्ट्स चेक करते हैं – ये वायरल क्लेम है या हकीकत?

वायरल मैसेज क्या कहता है? सोशल मीडिया पर फैला दावा

फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर हजारों पोस्ट्स हैं: “सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! 1 जनवरी 2026 से गाड़ियों के आगे-पीछे की फोटो खींचकर बनाए गए चालान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे। ड्राइवर के हस्ताक्षर होना अनिवार्य!” लोग शेयर कर रहे हैं कि अब पुलिस फोटो से चालान नहीं काट सकेगी। जयपुर में कई लोग इसे राहत की खबर मान रहे हैं। लेकिन सवाल ये है – क्या सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश दिया?

सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट और रिपोर्ट्स में क्या है? कोई आदेश नहीं मिला

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट पर जनवरी-फरवरी 2026 के कोई ऐसे जजमेंट या प्रेस रिलीज नहीं है जो ट्रैफिक चालान में फोटो एविडेंस को अमान्य करे या ड्राइवर के साइन अनिवार्य करे। कोई बड़ा न्यूज चैनल या अखबार जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस में भी इसकी कोई रिपोर्ट नहीं। ये दावा सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट्स पर वायरल है – कोई ऑफिशियल सोर्स नहीं।

ई-चालान के नियम क्या हैं? फोटो एविडेंस पर कोर्ट क्या कहता है?

भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ई-चालान वैध हैं, लेकिन एविडेंस मजबूत होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कई मामलों में कहा है कि चालान के लिए क्लियर प्रूफ जरूरी है – जैसे स्पीड कैमरा फोटो में नंबर प्लेट, व्हीकल और वॉयलेशन क्लियर दिखे। लेकिन कोई ब्लैंकेट ऑर्डर नहीं है कि आगे-पीछे की फोटो अमान्य हैं। कई हाई कोर्ट्स ने कहा है कि फोटो से चालान वैध हो सकता है अगर वॉयलेशन साफ हो। ड्राइवर के साइन की कोई अनिवार्यता नहीं है – ई-चालान डिजिटल हैं।

क्यों फैल रहा है ये दावा? सोशल मीडिया का जाल

ये मैसेज जनवरी 2026 से वायरल है – फेसबुक ग्रुप्स, इंस्टाग्राम रील्स और एक्स पोस्ट्स में हजारों शेयर। लोग राहत मानकर शेयर कर रहे हैं, लेकिन कोई ऑफिशियल लिंक नहीं। ऐसे वायरल क्लेम अक्सर फैलते हैं क्योंकि लोग ट्रैफिक चालान से परेशान होते हैं। लेकिन फैक्ट चेक करने पर ये फेक या मिसलीडिंग लगता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ट्रैफिक रूल्स पर कोई ऐसा बड़ा आदेश नहीं दिया।

क्या करें अगर चालान कटा है? सही तरीके से चेक और चैलेंज करें

  • ई-चालान parivahan.gov.in पर चेक करें।
  • अगर गलत लगे तो वर्चुअल कोर्ट या ट्रैफिक कोर्ट में चैलेंज करें – एविडेंस मांग सकते हैं।
  • फोटो से चालान वैध हो सकता है अगर क्लियर हो – सुप्रीम कोर्ट ने प्रूफ की जरूरत बताई है, लेकिन फ्रंट/बैक अमान्य नहीं कहा।
  • ऑफिशियल सोर्स चेक करें – सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट या न्यूज साइट्स।