रिकॉर्ड तोड़ शादी सीजन: इस साल का शादी का मौसम देश के इतिहास में सबसे बड़ा साबित हो रहा है। 1 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच महज 46 दिनों की अवधि में देश भर में लगभग 46 लाख शादियां होने का अनुमान है, जिससे अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलने की उम्मीद है।
6.5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, इन शादियों से देश भर में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान जताया गया है। यह रकम होटल, बैंक्वेट हॉल, इवेंट मैनेजमेंट, डेकोरेशन और खानपान सहित शादी उद्योग से जुड़े हर क्षेत्र में जबरदस्त रौनक लेकर आई है।
वेन्यू बैक-टू-बैक बुक
इस रिकॉर्ड सीजन का सबसे बड़ा प्रमाण देश भर के होटल्स और बैंक्वेट हॉल्स का पूरी तरह से बुक होना है। लगभग सभी बड़े वेन्यू पूरे सीजन के लिए फुल बुक हैं और कई जगहों पर तो लगातार कई दिनों तक बैक-टू-बैक फंक्शन हो रहे हैं। इस बार परिवार डेकोरेशन पर खासा खर्च कर रहे हैं, जहां थीम बेस्ड डेकोर, खास लाइटिंग और फूलों की सजावट पर पहले से कहीं ज्यादा निवेश देखने को मिल रहा है।
दिल्ली अकेले खर्च करेगी 1.8 लाख करोड़
राजधानी दिल्ली इस शादी सीजन में सबसे आगे नजर आ रही है। अनुमान है कि अकेले दिल्ली से 1.8 लाख करोड़ रुपये का खर्च होगा, जो देश के कुल अनुमानित शादी व्यय का लगभग 30% है। डेकोरेशन के बाद यहां के परिवार खानपान पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं, जहां एक्जॉटिक फलों और प्रीमियम सब्जियों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। हेल्दी फूड और स्पेशल मेनू अब हर शादी की पहली पसंद बन गए हैं।
हर सेक्टर को मिल रहा फायदा
यह शादी उछाल सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित नहीं है। कपड़ों और ज्वेलरी की दुकानों से लेकर बैंड-बाजे और मिठाई की दुकानों तक, हर जगह रिकॉर्ड बिक्री का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में होने वाली शादियां वास्तव में हर उद्योग के लिए एक बड़े व्यावसायिक अवसर के रूप में सामने आ रही हैं।





