Rajasthan Weather: एक ओर पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर डबल अलर्ट जारी कर दिया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर तेज हुआ है। बारिश के बाद नमी बढ़ी है, जिससे कोहरे की स्थिति और गंभीर हो गई है। इसी को देखते हुए आज 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
नए साल पर बदला मौसम का मिजाज
आमतौर पर नए साल पर लोग धूप की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार राजस्थान में मौसम ने अलग ही कहानी लिख दी।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई संभागों में बारिश हुई, जिससे:
- सुबह और रात के तापमान में हल्का इजाफा हुआ
- दिन में धूप कमजोर पड़ी
- वातावरण में नमी बढ़ गई
यही नमी अब घने कोहरे की वजह बन रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: कहां-कहां हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई।
IMD के अनुसार, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई?
- श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर): 26 मिमी
- जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश
यह बारिश भले ही शहरों के लिए परेशानी बनी हो, लेकिन किसानों के लिए राहत लेकर आई है।
मावठ से किसानों के चेहरे खिले
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश मावठ की श्रेणी में आती है।
मावठ की बारिश रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
इससे:
- गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नमी मिलती है
- सिंचाई की जरूरत कम होती है
- मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है
यानी शहरों में छाते खुले, तो खेतों में उम्मीदें हरी हुईं।
Dense Fog Double Alert: आज इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने घने से अति-घने कोहरे को लेकर आज 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन इलाकों में दृश्यता बेहद कम रह सकती है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
- भरतपुर
- दौसा
- डीग
- धौलपुर
- झुंझुनूं
- करौली
- खैरथल-तिजारा
- कोटपूतली-बहरोड़
- सवाई माधोपुर
- सीकर
- चूरू
- हनुमानगढ़
- श्रीगंगानगर
इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट सकती है।
इन जिलों में येलो अलर्ट जारी
इसके अलावा, 10 जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
येलो अलर्ट वाले जिले:
- नागौर
- डीडवाना-कुचामन
- बीकानेर
- टोंक
- कोटा
- झालावाड़
- जयपुर
- बूंदी
- बारां
- अजमेर
इन क्षेत्रों में कोहरे का असर रहेगा, लेकिन स्थिति ऑरेंज अलर्ट जितनी गंभीर नहीं होगी।
कोहरा क्यों बन रहा है इतना घना?
यह सवाल हर साल उठता है, और जवाब लगभग वही रहता है।
इस बार:
- बारिश से वातावरण में नमी बढ़ी
- हवा की रफ्तार धीमी रही
- रात का तापमान अपेक्षाकृत कम रहा
इन तीनों कारणों ने मिलकर कोहरे को और घना बना दिया है।
यही वजह है कि IMD ने “डबल अलर्ट” की जरूरत महसूस की।
आगे कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 2 से 3 दिन राजस्थान के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
IMD का आउटलुक:
- अधिकांश हिस्सों में घना से अति-घना कोहरा
- दृश्यता कई जगह 100 मीटर से कम
- दिन के अधिकतम तापमान में 3–4 डिग्री तक गिरावट
यानि धूप कमजोर और ठंड ज्यादा महसूस होगी।
4 से 6 जनवरी: शेखावाटी में बढ़ेगी ठंड
IMD ने शेखावाटी क्षेत्र के लिए विशेष चेतावनी दी है।
4 से 6 जनवरी के बीच:
- न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है
- कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है
इस दौरान बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कोहरे में क्या सावधानी बरतें?
घना कोहरा सिर्फ मौसम की खबर नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
IMD और प्रशासन की सलाह:
- सुबह और देर रात गैर-जरूरी यात्रा से बचें
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
- हाईवे पर स्पीड नियंत्रित रखें
- बुजुर्ग और बच्चों को ठंड से बचाएं
थोड़ी सावधानी बड़ा हादसा टाल सकती है।
Rajasthan Weather Update क्यों है अहम?
यह अपडेट इसलिए जरूरी है क्योंकि:
- कोहरा सड़क और रेल यातायात को प्रभावित करता है
- ठंड स्वास्थ्य पर असर डालती है
- किसान मौसम पर निर्भर फैसले लेते हैं
मौसम की जानकारी सिर्फ खबर नहीं, रोजमर्रा की जरूरत है।
नया मौसम चैलेंज
राजस्थान में नए साल की शुरुआत सर्दी, बारिश और कोहरे के साथ हुई है।
जहां एक ओर मावठ किसानों के लिए राहत है, वहीं घना कोहरा आम जनजीवन के लिए चुनौती बन गया है।
मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में न लें।
क्योंकि मौसम बदलता है, लेकिन सावधानी हमेशा काम आती है।





