Premanand Maharaj tells how to be happy: प्रेमानंद महाराज की एक सभा में जब एक भक्त ने जीवन में खुश रहने का तरीका पूछा, तो महाराज ने उसे सरल और व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि नियमित चिंतन, नाम जप, शास्त्र अध्ययन, माता-पिता की सेवा और समाज के कल्याण में जुटने से मन को असीम शांति और खुशी मिलती है।
इन आध्यात्मिक उपायों के साथ-साथ, रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटे-छोटे बदलाव भी आपके मूड और मेंटल हेल्थ पर गहरा असर डाल सकते हैं। आइए जानते हैं खुश रहने के लिए अपनाई जा सकने वाली 5 व्यावहारिक आदतें:
1. नियमित व्यायाम है जरूरी
शारीरिक गतिविधि सिर्फ शरीर के लिए ही अच्छी नहीं होती, बल्कि यह आपकी मानसिक सेहत के लिए भी एक दवा का काम करती है। यह तनाव और चिंता को कम करके ‘खुशी के हार्मोन’ को बढ़ावा देती है। रोज सिर्फ कुछ मिनट की सैर या हल्की स्ट्रेचिंग भी आपको एनर्जेटिक महसूस करा सकती है।
2. भरपूर नींद लेना न भूलें
अच्छी सेहत की नींव है भरपूर नींद। एक वयस्क को रोजाना कम से कम 7 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। यह दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाती है, मूड को स्थिर रखती है और शरीर को रिपेयर होने का मौका देती है। अगर दिन में नींद या फोकस करने में दिक्कत हो, तो यह नींद पूरी न होने का संकेत हो सकता है।
3. कृतज्ञता का भाव जगाएँ (Practice Gratitude)
जीवन में सकारात्मकता लाने का यह सबसे आसान तरीका है। रोज उन छोटी-छोटी चीजों के लिए शुक्रिया अदा करें जो आपको खुशी देती हैं। यह आदत धीरे-धीरे आपकी सोच को बदल देगी और आप जीवन के अच्छे पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देने लगेंगे।
4. दोस्तों और परिवार से कनेक्ट रहें
इंसान सामाजिक प्राणी है और गहरे रिश्ते हमारी मानसिक भलाई के लिए जरूरी हैं। यह जरूरी नहीं कि आपके बहुत सारे दोस्त हों, बल्कि जरूरी है कि आपके रिश्ते मजबूत और सकारात्मक हों। नए लोगों से मिलने में हिचक है, तो किसी सामाजिक संस्था या शौक की क्लास को ज्वाइन कर सकते हैं।
5. प्रकृति के करीब समय बिताएँ
प्रकृति के सान्निध्य में बिताया गया समय दिमाग को गहरी शांति देता है। हफ्ते में कम से कम 30 मिनट किसी हरियाली वाली जगह पर जरूर बिताएँ। यह न सिर्फ आपके मूड को बेहतर करेगा, बल्कि आपको सक्रिय रहने की प्रेरणा भी देगा।





