Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों पर मंडरा रहे संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। वैश्विक रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल ने कंपनी की प्रमोटर इकाई ANI टेक्नोलॉजीज की क्रेडिट रेटिंग को ‘CCC+’ से घटाकर ‘CCC-‘ कर दिया है और आउटलुक को नकारात्मक (Negative) रखा है। यह रेटिंग इस बात का संकेत है कि कंपनी के डिफॉल्ट (कर्ज चुकाने में चूक) की संभावना अत्यधिक बढ़ गई है और यदि वित्तीय स्थिति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो डिफॉल्ट को टालना मुश्किल हो सकता है।
रेटिंग घटाने के प्रमुख कारण
S&P ने अपने फैसले के लिए ANI टेक्नोलॉजीज की निम्नलिखित चिंताएं बताई हैं:
- तेजी से कम हो रही नकदी: एजेंसी का अनुमान है कि मार्च 2026 तक कंपनी के पास कैश रिजर्व ₹200 करोड़ से नीचे गिर सकता है।
- कर्ज की शर्तों के उल्लंघन का जोखिम: एजेंसी को आशंका है कि 31 मार्च 2026 तक कंपनी अपने कर्ज समझौते (कोवेनेंट) की शर्तों का पालन नहीं कर पाएगी। शर्त के अनुसार, कंपनी को अपने टर्म लोन-B का कम से कम 40% (लगभग ₹240 करोड़) नकदी के रूप में रखना आवश्यक है, जो संभव नहीं दिख रहा।
- ओला कैब्स से लगातार घाटा: ANI टेक्नोलॉजीज के नकदी संकट का एक प्रमुख कारण उसकी सहयोगी कंपनी ओला कैब्स का लगातार ऑपरेटिंग घाटा बताया गया है। ओला कैब्स का मार्केट शेयर भी घटकर 20-25% रह गया है।
- कमजोर परिचालन प्रदर्शन: ANI टेक्नोलॉजीज के एडजस्टेड EBITDA घाटे के मार्च 2026 तक ₹590 करोड़ तक पहुंचने और रेवेन्यू में 25-27% की गिरावट का अनुमान है।
ओला इलेक्ट्रिक की हालत भी चिंताजनक
प्रमोटर कंपनी के संकट का सीधा असर ओला इलेक्ट्रिक पर भी पड़ रहा है:
- शेयर की कीमत: ओला इलेक्ट्रिक का शेयर ₹34.17 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो अपने सर्वकालिक निचले स्तर के करीब है। साल 2025 में अब तक यह शेयर 60% से अधिक गिर चुका है।
- बाजार हिस्सेदारी में गिरावट: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी जनवरी 2025 में लगभग 25% से गिरकर नवंबर 2025 में मात्र 6.7% रह गई है और वह चौथे स्थान पर खिसक गई है।
- ANI की हिस्सेदारी का मूल्य: ANI टेक्नोलॉजीज के पास ओला इलेक्ट्रिक में 3.64% हिस्सेदारी है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब ₹450 करोड़ आंकी गई है। हालांकि, शेयर की गिरती कीमतों के कारण इसे आसानी से बेच पाना भी एक चुनौती है।
आगे की राह और S&P की चेतावनी
S&P ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी का नकदी जलना जारी रहा और लिक्विडिटी संकट गहराया, तो रेटिंग को और नीचे किया जा सकता है। रेटिंग आउटलुक को स्थिर (Stable) करने के लिए कंपनी को अपनी लिक्विडिटी स्थिति में सुधार करना होगा और CCPS (कन्वर्टिबल शेयर) के तत्काल भुनाए जाने के जोखिम को कम करना होगा। इसके लिए कंपनी द्वारा IPO की समयसीमा को फिर से आगे बढ़ाया जा सकता है।
S&P ग्लोबल की यह रेटिंग कार्रवाई ओला इकोसिस्टम (ओला कैब्स और ओला इलेक्ट्रिक) के गंभीर वित्तीय दबाव और लिक्विडिटी संकट को उजागर करती है। निवेशकों के लिए यह स्थिति अत्यधिक सावधानी बरतने की मांग करती है, क्योंकि प्रमोटर कंपनी की मुश्किलें सूचीबद्ध इकाई ओला इलेक�्रिक के शेयर मूल्य पर भी गहरा असर डाल सकती हैं।
(नोट: यह समाचार विश्लेषण केवल सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)





