Mosquito Repellent Liquid Side Effects: मच्छरों से बचाव के लिए ज्यादातर घरों में लिक्विड वाली मशीनों का इस्तेमाल आम है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका अत्यधिक उपयोग आपके और आपके अपनों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? सर्दियों के आने से पहले मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी डर से लोग घर को पूरी तरह सील करके इन मशीनों को रातभर चालू रखते हैं, ताकि मच्छर अंदर न आ सकें। लेकिन क्या ये तरीका वाकई सुरक्षित है? आज हम आपको इस छोटी-सी मशीन के छिपे हुए नुकसानों के बारे में बताएंगे, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा खतरा बन सकती है।
मच्छर भगाने वाली मशीन कैसे काम करती है?
बाजार में कई प्रकार की मच्छर-भगाने वाली मशीनें उपलब्ध हैं, जो मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक प्लग-इन डिवाइस होती हैं। इन्हें बिजली के सॉकेट में लगाने के बाद, इनमें भरा हुआ लिक्विड गर्म होता है और एक विशेष गंध के रूप में हवा में फैल जाता है। ये गंध मच्छरों को दूर भगाने या मारने का काम करती है। कुछ मशीनों में इंटेंसिटी को कम-ज्यादा करने का ऑप्शन भी मिलता है, जिससे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से इसे एडजस्ट कर सकता है। ये मशीनें सुविधाजनक लगती हैं, लेकिन इनके रसायनों का लंबे समय तक संपर्क स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
मच्छर वाली मशीन क्यों हो सकती है खतरनाक?
कई लोग इन मशीनों को पूरे दिन चालू रखते हैं और कमरे की हवा का बहाव भी रोक देते हैं, ताकि दवा का असर बना रहे। लेकिन ये आदत बेहद जोखिम भरी है। इन लिक्विड में प्रलेथ्रिन (Prallethrin) और ट्रांसफ्लुथ्रिन (Transfluthrin) जैसे शक्तिशाली केमिकल्स मौजूद होते हैं, जो फेफड़ों को क्षति पहुंचा सकते हैं। बंद कमरे में इनकी गंध सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करती है, जिससे श्वसन तंत्र प्रभावित होता है। लंबे समय तक एक्सपोजर से सिरदर्द, चक्कर आना और यहां तक कि फेफड़ों की गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
किन लोगों के लिए है ये ज्यादा जोखिम भरा?
ये मशीनें हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होतीं, खासकर कुछ विशेष समूहों के लिए ये और भी खतरनाक साबित हो सकती हैं:
- सांस की बीमारी वाले लोग: अगर आपको अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या कोई श्वसन संबंधी समस्या है, तो इन मशीनों की गंध आपकी स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
- बच्चे और शिशु: बच्चों की इम्यून सिस्टम कमजोर होती है, इसलिए इन केमिकल्स से उन्हें एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ या त्वचा पर रैशेज हो सकते हैं।
- गर्भवती महिलाएं: गर्भावस्था में इन रसायनों का संपर्क भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे जन्म दोष या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
- बुजुर्ग: उम्रदराज लोगों के फेफड़े पहले से कमजोर होते हैं, इसलिए ये मशीनें उनके लिए आंखों में जलन, त्वचा की एलर्जी या सांस फूलने जैसी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा, सामान्य लोगों में भी लगातार उपयोग से अस्थमा जैसी नई समस्याएं विकसित हो सकती हैं।
किन बातों का रखें ध्यान?
अगर घर में इस तरह की मच्छर भगाने वाली मशीन का इस्तेमाल होता है तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- मशीन को दूर रखें: मशीन ऐसी जगह पर लगाएं जो बेड से दूर हो। अक्सर लोग मच्छरों से बचने के लिए अपने बगल में मशीन लगाकर सो जाते हैं। यह खतरनाक है।
- हवा का आना-जाना जरूरी: मशीन ऑन करने के बाद कमरे का वेंटिलेशन पूरी तरह बंद न करें। कोशिश करें कि कमरे में एयर सर्कुलेशन होता रहे।
- समस्या होने पर बंद करें: अगर किसी को एलर्जी या किसी तरह की परेशानी हो रही हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।
मच्छरों से बचाने वाली ये मशीनें राहत जरूर देती हैं, लेकिन इनके गलत इस्तेमाल से सेहत को गंभीर खतरे भी हो सकते हैं। इसलिए इन्हें इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।





