Lok Adalat 2025: दिल्ली में पुराने ट्रैफिक चालान से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। साल के आखिरी महीने में होने वाली लोक अदालत (Lok Adalat) में इन चालानों का निपटारा करने और जुर्माने की राशि में राहत पाने का एक और मौका मिल सकता है। लोक अदालत में अक्सर छोटे-मोटे ट्रैफिक उल्लंघन के मामलों में जुर्माना कम कर दिया जाता है या पूरी तरह माफ भी किया जाता है।
कब लगेगी लोक अदालत?
सरकार और प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इस साल भी कई बार इसका आयोजन हो चुका है, और अब साल के आखिरी महीने में एक बार फिर लोक अदालत लगने जा रही है। जो लोग अपने लंबित ट्रैफिक चालान का निपटारा करना चाहते हैं, उन्हें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
किस तरह के चालान हो सकते हैं माफ या कम?
लोक अदालत में मुख्य रूप से गैर-गंभीर (Non-Serious) ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े चालानों पर सुनवाई होती है। इन मामलों में समझौता होने पर जुर्माना कम हो सकता है या माफ किया जा सकता है।
| चालान का प्रकार (उल्लंघन) | टिप्पणी |
|---|---|
| बिना हेलमेट वाहन चलाना | सामान्य उल्लंघन, समझौते की उच्च संभावना |
| सीट बेल्ट न लगाना | सामान्य उल्लंघन, समझौते की उच्च संभावना |
| ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना | सामान्य उल्लंघन |
| गलत पार्किंग | सामान्य उल्लंघन |
| प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) न होना | सामान्य उल्लंघन |
| वाहन बीमा समाप्त होना | सामान्य उल्लंघन |
किन मामलों में नहीं मिलती माफी?
यह जानना बहुत जरूरी है कि गंभीर उल्लंघनों (Gracious Violations) से जुड़े चालानों पर लोक अदालत में आमतौर पर कोई रियायत नहीं दी जाती। इनमें शामिल हैं:
- नशे की हालत में वाहन चलाना
- रेस लगाना या ओवरस्पीडिंग
- हिट एंड रन के मामले
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना (कई अधिकार क्षेत्रों में यह गंभीर माना जाता है)
ऐसे गंभीर मामलों की सुनवाई नियमित अदालत में ही होती है और उनमें भारी जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
लोक अदालत जाते समय साथ रखें ये दस्तावेज
अपना मामला पेश करने और प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की कॉपी अपने साथ ले जाना अनिवार्य है:
- टोकन: लोक अदालत में केस दर्ज कराने के लिए जारी किया गया टोकन।
- चालान की मूल या फोटोकॉपी: जिस चालान का निपटारा करना है।
- वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC) की कॉपी।
- ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की कॉपी।
- पहचान प्रमाण: मूल और फोटोकॉपी (आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि)।
निष्कर्ष
दिल्ली में आयोजित होने वाली यह लोक अदालत उन हज़ारों लोगों के लिए एक सुविधाजनक और कम खर्चीला विकल्प है, जो छोटे-मोटे ट्रैफिक चालान के बोझ तले दबे हैं। यदि आपके पास भी कोई लंबित चालान है, तो उपरोक्त दस्तावेजों को तैयार करके लोक अदालत में जाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, याद रखें कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना हमेशा सबसे अच्छा और सुरक्षित विकल्प है।





