Khan sir Hospital: महंगे इलाज के इस दौर में अगर कोई कहे कि 7 रुपये में ब्लड टेस्ट और 25 रुपये में ECG हो सकता है, तो यकीन करना मुश्किल लगता है। लेकिन पटना में यह दावा नहीं, हकीकत बन चुका है।
Patana: बिहार की राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर मशहूर शिक्षक खान सर (Khan Sir) ने एक ऐसा अस्पताल शुरू किया है, जिसने निजी हेल्थकेयर सिस्टम की सोच ही बदल दी है।
इस अस्पताल का नाम है ‘खान हेल्थ केयर’।
कोचिंग नहीं, अब हेल्थकेयर में भी क्रांति
खान सर को देश शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनोखे पढ़ाने के अंदाज़ के लिए जानता है।
अब उन्होंने उसी सोच को स्वास्थ्य सेवाओं में उतार दिया है।
यहां मकसद मुनाफा नहीं, बल्कि इलाज को आम आदमी की पहुंच में लाना है।
यही वजह है कि इस अस्पताल की फीस सुनकर लोग हैरान भी हैं और खुश भी।
चाय से सस्ता इलाज! जांच के दामों ने सबको चौंकाया
जहां निजी लैब में एक सामान्य जांच जेब ढीली कर देती है, वहीं खान हेल्थ केयर में दरें लगभग प्रतीकात्मक रखी गई हैं।
जांच और फीस की सूची
| जांच / सेवा | खान हेल्थ केयर | बाजार की औसत दर |
|---|---|---|
| OPD फीस | ₹50 | ₹300 – ₹800 |
| ब्लड टेस्ट | ₹7 | ₹150 – ₹300 |
| ECG | ₹25 | ₹200 – ₹500 |
| एक्स-रे | ₹35 (डिजिटल ₹70) | ₹300 – ₹600 |
| थायरॉइड टेस्ट | ₹90 | ₹600 – ₹800 |
| किडनी टेस्ट (KFT) | ₹17 | ₹400 – ₹700 |
| MRI स्कैन | ₹2,700 | ₹9,000 – ₹12,000 |
👉 यहां इलाज की कीमत चाय से भी कम है, लेकिन भरोसा पूरी तरह मेडिकल साइंस पर टिका है।
सस्ता जरूर, लेकिन समझौता बिल्कुल नहीं
कम दाम का मतलब खराब सुविधा नहीं—यह बात खान सर के अस्पताल में साफ दिखती है।
अस्पताल में ₹16 करोड़ से ज्यादा कीमत के आधुनिक विदेशी मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं।
यानी मशीनें वही, जो बड़े प्राइवेट अस्पतालों में मिलती हैं—बस बिल छोटा है।
विशेषज्ञ डॉक्टर और हाई-टेक सुविधाएं
खान हेल्थ केयर में सिर्फ सामान्य इलाज नहीं होता, बल्कि स्पेशलिस्ट सेवाएं भी मौजूद हैं।
- 🧠 न्यूरोलॉजी (नसों की बीमारियां)
- ❤️ कार्डियोलॉजी (दिल रोग)
- 🩸 नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग)
इसके अलावा अस्पताल में:
- आधुनिक डायलिसिस सेंटर
- पूरी तरह सुसज्जित हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर (OT)
भी चालू है।
आने वाले समय में और बड़ी तैयारी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आने वाले दिनों में:
- 🩸 ब्लड बैंक
- 🎗️ कैंसर केयर यूनिट
की शुरुआत की योजना है।
यह कदम इस अस्पताल को पूर्ण मल्टी-स्पेशलिटी सेंटर की दिशा में ले जाएगा।
बिहार ही नहीं, नेपाल से भी आ रहे मरीज
अस्पताल के गेट सुबह 9 बजे खुलते हैं, लेकिन मरीज तड़के ही लाइन में लग जाते हैं।
सुबह 11 बजे तक टोकन बांटे जाते हैं।
यहां सिर्फ पटना या बिहार के लोग नहीं, बल्कि:
- उत्तर प्रदेश
- झारखंड
- और यहां तक कि नेपाल से भी मरीज पहुंच रहे हैं।
यह भरोसा किसी विज्ञापन से नहीं, अनुभव से बन रहा है।
खान सर की सोच: इलाज मुनाफा नहीं, जिम्मेदारी है
खान सर पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों पर कह चुके हैं कि
“शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों पर किसी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए।”
खान हेल्थ केयर उसी सोच का ज़मीनी रूप है।
यह अस्पताल सिर्फ इलाज नहीं करता, बल्कि सिस्टम को आईना दिखाता है।




