Indigo Flight Cancellation: दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप! यात्रियों की बढ़ी परेशानी—क्या है बड़ी वजह?

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Indigo Flight Cancellation: इंडिगो एयरलाइन्स पिछले कुछ दिनों से गंभीर परिचालन संकट का सामना कर रही है, जिसके चलते देशभर में सैकड़ों उड़ानें रद्द या देरी से संचालित हो रही हैं। इस स्थिति ने हजारों यात्रियों की यात्रा बाधित की है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एयरलाइन पर कार्रवाई के निर्देश जारी करने पर मजबूर कर दिया है।

यात्रियों की दिक्कतें और सरकार की कार्रवाई

हाल के दिनों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की 350 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों ने सूचना के अभाव, भोजन और आवास की उचित व्यवस्था न होने की शिकायत की। लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

इस संकट को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन को कड़ा निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने इंडिगो को हर 15 दिन में अपनी भर्ती प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यात्रा के मौसम में मांग पहले से ज्ञात थी, ऐसे में तैयारी पूरी न होने का कोई बहाना स्वीकार्य नहीं है।

संकट के प्रमुख कारण: डीजीसीए के नए पायलट ड्यूटी नियम

इस अव्यवस्था का एक प्रमुख कारण 1 नवंबर से लागू डीजीसीए (DGCA) के नए पायलट ड्यूटी नियम (FDTL) हैं। इन नियमों में पायलटों के आराम के समय में वृद्धि की गई है ताकि उनकी थकान कम हो और सुरक्षा बढ़े। नए नियमों के प्रमुख बिंदु हैं:

  • पायलटों का साप्ताहिक आराम समय बढ़ाकर 48 घंटे किया गया।
  • प्रति सप्ताह नाइट लैंडिंग की संख्या 6 से घटाकर मात्र 2 कर दी गई।
  • रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच होने वाली उड़ानों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए।

इन नियमों के कारण एयरलाइन को संचालन के लिए अधिक पायलटों की आवश्यकता पड़ रही है, जिसकी भर्ती इंडिगो समय रहते नहीं कर पाई।

एयरलाइन की प्रतिक्रिया और आंतरिक चुनौतियां

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने एक आंतरिक संदेश में इस संकट के लिए माफी मांगी और स्वीकार किया कि एयरलाइन अपने वादों पर खरी नहीं उतर पाई। एयरलाइन ने कहा है कि वह अपने उड़ान कार्यक्रम में “संतुलन परिवर्तन” कर रही है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडिगो पिछले एक वर्ष से एयरबस विमानों की धीमी डिलीवरी और प्रैट एंड व्हिटनी इंजन संबंधी समस्याओं के कारण लगभग 40 विमानों के जमीन पर रहने का सामना कर रही है। इसके अलावा, एयरलाइन ने नए नियमों के मद्देनजर पर्याप्त पायलट भर्ती नहीं की, जिससे मौजूदा पायलटों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और ऑपरेशन प्रभावित हुए। इसका असर एयरलाइन की समयपालन दर (ओटीपी) पर भी पड़ा है, जो अक्टूबर में 84.1% से गिरकर नवंबर में 67.7% पर आ गई।

एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है और कहा है कि सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए वह तेजी से भर्ती और संचालन सुगमता पर काम कर रही है।