GST Rates 2025 Update: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लागू होने के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था में कई बड़े बदलाव आए हैं। समय-समय पर GST परिषद ने इसकी दरों में बदलाव किए हैं, लेकिन 2025 का साल एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है। 56वीं GST काउंसिल की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए हैं,
जिनका सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। इस लेख में हम GST की नई दरों, उनके फायदों, और विभिन्न क्षेत्रों पर उनके प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। जानें कि नई GST दरों में क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ, और किन चीजों पर 0% या 40% टैक्स लागू होगा। लेख को अंत तक पढ़ें।
GST न्यू रेट्स 2025: यह ऐतिहासिक बदलाव क्या है?
पहले GST में चार मुख्य दरें थीं—5%, 12%, 18%, और 28%—साथ ही कुछ वस्तुओं पर 0% टैक्स और कुछ पर अतिरिक्त उपकर (cess) लगता था। लेकिन GST परिषद ने 2025 में इस जटिल संरचना को सरल करते हुए 12% और 28% की दरों को खत्म कर दिया है। अब भारत में केवल दो मुख्य GST दरें—5% और 18%—लागू होंगी।
यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा, जो नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होकर त्योहारी सीजन के लिए एक बड़ा उपहार होगा। यह आम उपभोक्ताओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा दीवाली गिफ्ट है। हालांकि, तंबाकू, सिगरेट, और लग्जरी कारों जैसी कुछ विशिष्ट वस्तुओं पर 40% की नई GST दर लागू की गई है।
GST न्यू रेट्स 2025: आम उपभोक्ता के लिए क्या हुआ सस्ता?
GST 2.0 की नई दरों का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को होगा, क्योंकि रोजमर्रा की कई वस्तुएं अब 5% की GST श्रेणी में आ गई हैं। नीचे उन चीजों की सूची दी गई है जो सस्ती हो गई हैं:
दैनिक उपयोग की वस्तुएं:हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, टूथब्रश, शेविंग क्रीम, बर्तन, और नमकीन जैसी चीजें, जो पहले 12% या 18% GST की श्रेणी में थीं, अब 5% की श्रेणी में आ गई हैं।
पैकेज्ड पीने का पानी पर GST 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
खाद्य पदार्थ:घी, मक्खन, पनीर, नमकीन, और पैकेज्ड स्नैक्स पर GST 12% से घटाकर 5% किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण:एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, और 32 इंच से बड़ी टीवी, जो पहले 28% GST की श्रेणी में थीं, अब 18% की श्रेणी में आ गई हैं। इससे इनकी कीमतों में 1,500 से 2,500 रुपये तक की कमी होने की उम्मीद है।
वाहन:छोटी कारें (पेट्रोल: 1200cc तक, डीजल: 1500cc तक), 350cc तक की मोटरसाइकिलें, और तिपहिया वाहन अब 28% के बजाय 18% GST के दायरे में आएंगे। इससे ये वाहन सस्ते होंगे और इनकी बिक्री बढ़ने की संभावना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा:जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण, और स्वास्थ्य से जुड़े कई उत्पादों पर GST 12% या 18% से घटाकर 5% या 0% कर दिया गया है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर 18% GST पूरी तरह हटा दिया गया है, जो एक ऐतिहासिक फैसला है।
किताबें, शैक्षणिक सामग्री, और स्टेशनरी जैसे पेंसिल, नोटबुक आदि पर GST 12% से घटाकर 0% किया गया है।
कृषि क्षेत्र:ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, और उर्वरकों पर GST 12% से घटाकर 5% किया गया है, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
अन्य क्षेत्र:जूते-चप्पल, कपड़े, खेल का सामान, खिलौने, चमड़े, और हस्तशिल्प की वस्तुएं 12% से घटाकर 5% GST की श्रेणी में आ गई हैं।
GST न्यू रेट्स 2025: किन चीजों की दरें बढ़ी हैं?
कुछ वस्तुओं पर GST की दरें बढ़ाई गई हैं:
कोयला: इस पर GST 5% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है।
तंबाकू और लग्जरी वस्तुएं: तंबाकू, सिगरेट, और लग्जरी वाहनों (350cc से अधिक की मोटरसाइकिलें और हाई-एंड कारें) पर 40% की नई GST दर लागू की गई है।
GST न्यू रेट्स 2025: अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर प्रभाव
GST की नई दरें न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि इसका भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा:
मांग में बढ़ोतरी: टैक्स दरों में कटौती से उपभोक्ता अधिक खर्च करेंगे, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और उद्योगों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सरल और पारदर्शी प्रणाली: दो-स्तरीय टैक्स संरचना से व्यवसायों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा, जिससे टैक्स चोरी और मुकदमेबाजी में कमी आएगी।
महंगाई पर नियंत्रण: रोजमर्रा की वस्तुओं पर कम टैक्स से महंगाई पर अंकुश लगेगा और आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा।
उद्योगों को प्रोत्साहन: ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र, जो पहले 28% की उच्च दर से प्रभावित थे, अब कम GST के कारण बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
राजस्व पर प्रभाव: कुछ राज्यों ने राजस्व नुकसान की आशंका जताई है, लेकिन सरकार का मानना है कि टैक्स आधार के बढ़ने और मांग में वृद्धि से इसकी भरपाई हो जाएगी।
GST 2.0 2025: नई शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में GST सुधार का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया गया है। इसे “GST 2.0 2025” के रूप में देखा जा रहा है, जो 2017 में लागू GST के बाद सबसे बड़ा सुधार है। इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को और अधिक कुशल, पारदर्शी, और आम नागरिक के लिए अनुकूल बनाना है। यह कदम न केवल त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देगा, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा भी देगा। यह “One Nation One Tax 2025” के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





