Gold Silver Price Today: सोना और चांदी के दामों ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में एक बार फिर उतार-चढ़ाव दिखाया। जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने जीवनकाल का नया रिकॉर्ड बनाने के बाद गिरावट के साथ समापन किया, वहीं सोने ने वायदा बाजार में मजबूती दर्ज की। हालांकि, घरेलू भौतिक बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दामों में गिरावट देखी गई।
चांदी का भाव फिसला, लेकिन बना नया कीर्तिमान
MCX पर चांदी का भाव सत्र के दौरान तेजी से चढ़ा और ₹2,08,603 प्रति किलोग्राम के नए ऑल-टाइम हाई स्तर को छू गया। यह एक ऐतिहासिक उछाल था। हालांकि, कारोबार समाप्ति के ठीक पहले लाभ वसूली के दबाव में यह कीमत फिसल गई। अंततः चांदी का भाव पिछले समापन मूल्य की तुलना में ₹439 की गिरावट के साथ ₹2,08,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
सोने में वायदा बाजार में दिखी मजबूती
वहीं, सोने ने MCX पर मिली-जुली कारोबारी गतिविधि देखी। सत्र की शुरुआत में यह ₹966 की गिरावट के साथ ₹1,33,555 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़का। लेकिन, सत्र के दौरान खरीदारी बढ़ने से सोने ने अपनी सारी गिरावट पाट ली और अंततः ₹1,34,206 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से उच्च था।
घरेलू बाजार में दोनों धातुएं हुईं सस्ती
वायदा बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग, इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी घरेलू भौतिक बाजार के दरों में शुक्रवार को सोने-चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। ये दर पूरे देश में ज्वेलर्स के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करती हैं।
घरेलू बाजार में गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम):
- 24 कैरेट सोना: ₹1,31,779 (₹695 की गिरावट)
- 22 कैरेट सोना: ₹1,28,620
- 20 कैरेट सोना: ₹1,17,280
- 18 कैरेट सोना: ₹1,06,740
- 14 कैरेट सोना: ₹85,000
इसी तरह, घरेलू बाजार में चांदी का भाव भी ₹1,053 प्रति किलोग्राम सस्ता हुआ और वह ₹2,00,067 प्रति किलोग्राम पर आ गया।
ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण नोट
यह याद रखना जरूरी है कि IBJA द्वारा जारी ये दर केवल शुद्ध धातु के हैं। जब कोई ग्राहक ज्वेलरी खरीदता है, तो उस अंतिम कीमत पर 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज (जो हर ज्वेलर का अलग-अलग हो सकता है) जुड़ जाता है। इस वजह से खुदरा दुकानों पर ज्वेलरी की कीमत IBJA दर से काफी अधिक होती है।
निष्कर्ष
शुक्रवार का कारोबारी दिन कीमती धातुओं के बाजार के अस्थिर स्वभाव को उजागर करता है। जहां वायदा बाजार (MCX) में चांदी ने रिकॉर्ड बनाया और सोने ने मजबूती दिखाई, वहीं भौतिक बाजार में दोनों के दाम नरम रहे। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह जरूरी है कि वे वैश्विक रुझानों, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत और स्थानीय मांग-आपूर्ति जैसे कारकों पर नजर रखें, क्योंकि ये सभी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।





