Anurag Dwivedi: उत्तर प्रदेश के उन्नाव के यूट्यूब स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कड़ी नजर में हैं। दुबई में हुई अपनी शाही शादी के बाद से चर्चा में बने अनुराग पर अब गैर-कानूनी ऑनलाइन जुए के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े होने और हवाला के जरिए धन लेनदेन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ED ने इन आरोपों की जांच के दौरान उनकी करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है और बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।
‘फर्श से अर्श’ तक का सफर और दुबई की शाही शादी
कुछ साल पहले तक साइकिल से चलने वाले अनुराग द्विवेदी ने सोशल मीडिया के दम पर तेजी से शोहरत और दौलत दोनों कमाई। यूट्यूब पर उनके 70 लाख (7 मिलियन) से अधिक सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 24 लाख (2.4 मिलियन) फॉलोअर्स हैं। उनकी चर्चा तब और बढ़ गई जब उन्होंने 23 नवंबर को दुबई के एक लग्जरी क्रूज पर बेहिसाब खर्च करते हुए शादी रचाई। इस शादी में उन्होंने अपने गांव और रिश्तेदारों को फ्लाइट से दुबई बुलाया और बॉलीवुड सेलेब्स को भी आमंत्रित किया था। अनुराग अब लैंबॉर्गिनी, मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियों के मालिक हैं।
ED की कार्रवाई: क्या जब्त हुआ?
पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा एक ऑनलाइन बेटिंग रैकेट के मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर ED ने अनुराग द्विवेदी के खिलाफ छापेमारी की। इस दौरान की गई कार्रवाई में शामिल है:
- लग्जरी वाहन जब्त: लैंबॉर्गिनी उरुस, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, फॉर्च्यूनर और थार समेत कुल 5 वाहन जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक है।
- नकदी और दस्तावेज: करीब 20 लाख रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए। इन दस्तावेजों से हवाला चैनलों के जरिए दुबई में रियल एस्टेट निवेश का खुलासा हुआ है।
- संपत्ति फ्रीज: अनुराग और उनके परिवार की 3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल और अचल संपत्ति को पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम), 2002 के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इसमें बीमा पॉलिसियां, एफडी और बैंक खाते शामिल हैं।
- बैंक खाते सील: ED ने अनुराग द्विवेदी और उनके परिवार के सभी बैंक खातों को सील कर दिया है, जिससे इन खातों में किसी भी तरह का लेन-देन रोक दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच के मुताबिक, अनुराग द्विवेदी का नाम सिलीगुड़ी से चल रहे एक बड़े गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग और जुए के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उन्होंने न केवल इन प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट किया, बल्कि इनकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका भी निभाई। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने म्यूल (ढ़ाल) बैंक खातों और हवाला चैनलों के जरिए इस गैर-कानूनी बेटिंग से हुई कमाई का इस्तेमाल दुबई में रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदने में किया।
इस मामले में ED अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और पहले ही 23.7 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज/अटैच की जा चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि इन्हीं आरोपों और जांच के चलते अनुराग द्विवेदी भारत छोड़कर दुबई में रह रहे हैं। ED द्वारा उन्हें कई समन भेजे जा चुके हैं, लेकिन वह अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।
निष्कर्ष
अनुराग द्विवेदी का मामला सोशल मीडिया स्टारडम के पीछे छिपे गैर-कानूनी धंधों और चमक-दमक के पीछे की संदिग्ध कमाई पर सवाल खड़ा करता है। ED की यह व्यापक कार्रवाई दर्शाती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने और गैर-कानूनी गतिविधियों से संपत्ति बनाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अब यह जांच तय करेगी कि यह ‘फर्श से अर्श’ तक पहुंचने की कहानी वास्तव में प्रतिभा और मेहनत की है या फिर कानून के गलत रास्तों की देन है।





