NEET Paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले में अब जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस बार परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने की योजना दीपावली के समय ही बना ली गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपियों को महीनों पहले भरोसा दिलाया गया था कि NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध करा दिया जाएगा। अब इस पूरे मामले में राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैले नेटवर्क की जांच तेज हो गई है।
जयपुर से चार आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली ले गई CBI
CBI ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर से चार अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, हरियाणा निवासी यश यादव और विकास शामिल हैं।
बुधवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेज दिया गया। अब CBI दिल्ली में इनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
सीकर बना पूरे नेटवर्क का केंद्र
जांच एजेंसियों के अनुसार राजस्थान का सीकर इस पूरे नेटवर्क का मुख्य केंद्र बनकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि यश यादव और विकास एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे। यहीं से दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और बाद में यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैल गया।
CBI अब कोचिंग कनेक्शन और परीक्षा माफिया के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
मेडिकल छात्राएं भी जांच एजेंसियों के रडार पर
इस मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जांच एजेंसियों की नजर आरोपियों के उन रिश्तेदारों पर भी गई, जिन्होंने हाल के वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लिया है।
जांच के दायरे में शामिल नामों में सोनिया, पलक और प्रकृति जैसी छात्राएं शामिल हैं। इनमें कुछ छात्राएं मुंबई और राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रही हैं।
CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इन छात्रों को भी पेपर लीक नेटवर्क से फायदा तो नहीं मिला था। एजेंसी प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
महाराष्ट्र से हरियाणा होते हुए राजस्थान पहुंचा पेपर!
जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले महाराष्ट्र के अहिल्याबाई नगर निवासी धनंजय तक पहुंचा था। वहां से यह पेपर नासिक के शुभम खैरनार को दिया गया।
इसके बाद पेपर हरियाणा के यश यादव तक पहुंचा और फिर राजस्थान के सीकर और जयपुर में सक्रिय लोगों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियां अब डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी एजेंसियां
मामले में दिनेश का बेटा ऋषि अभी फरार बताया जा रहा है। इसके अलावा सीकर निवासी राकेश मंडवरिया और जयपुर के एक अन्य आरोपी से भी लगातार पूछताछ जारी है।
CBI और अन्य एजेंसियां कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
छात्रों और अभिभावकों से भी पूछताछ
SOG द्वारा संदिग्ध बताए गए कई छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ की गई है। कुछ लोगों को फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन उन्हें शहर छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा था और इसके बदले कितनी रकम ली गई थी।
NEET परीक्षा की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा नहीं होता, तो हजारों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता था। अब सभी की नजर CBI की आगे की कार्रवाई और संभावित बड़े खुलासों पर टिकी हुई है।




