Vodafone Idea Share Price: ₹5,836 करोड़ की फंडिंग खबर से Vi शेयर 9% उछला

Vodafone Idea Share Price: ₹5,836 करोड़ की फंडिंग खबर से Vi शेयर 9% उछला

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Vodafone Idea Share Price: भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में लंबे समय से संघर्ष कर रही Vodafone Idea (Vi) के लिए 1 जनवरी 2026 सिर्फ कैलेंडर का नया पन्ना नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक टर्निंग पॉइंट बनकर उभरा है। शेयर में एक ही दिन में करीब 9% की तेजी और मार्केट कैप का 1.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना, यह संकेत देता है कि बाजार अब कंपनी को पूरी तरह “डूबता जहाज” मानने को तैयार नहीं है।

लेकिन सवाल यह है—क्या यह तेजी सिर्फ खबरों की प्रतिक्रिया है, या इसके पीछे वाकई एक ठोस बदलाव की कहानी छिपी है?

Vodafone Group से समझौता: भरोसे की वापसी

Vodafone Idea और उसकी पैरेंट कंपनी Vodafone Group के बीच हुआ नया समझौता केवल 5,836 करोड़ रुपये के फंड फ्लो की खबर नहीं है। यह उस रिश्ते का पुनर्गठन है, जो मर्जर के बाद वर्षों तक वित्तीय अनिश्चितताओं में उलझा रहा।
CLAM (Liability Claim) से जुड़े इस री-सेटलमेंट का सबसे बड़ा संकेत यह है कि Vodafone Group अब भी Vi को पूरी तरह छोड़ने के मूड में नहीं है। अगले 12 महीनों में 2,307 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमिटमेंट और 328 करोड़ शेयरों को कंपनी के हित में अलग रखना—यह सब प्रमोटर सपोर्ट की वापसी का संकेत देता है।

सरकार की भूमिका: रेगुलेटर से भागीदार तक

इस पूरी कहानी का सबसे अहम मोड़ सरकार की भूमिका है। AGR बकाए पर 5 साल की मोहलत और 87,695 करोड़ रुपये के भुगतान को फ्रीज करना सिर्फ राहत पैकेज नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक रिस्क को टालने का फैसला है।
आज Vi में सरकार की हिस्सेदारी 49% है। यानी अब सरकार सिर्फ नीति बनाने वाली संस्था नहीं, बल्कि कंपनी की किस्मत से सीधे जुड़ी एक बड़ी शेयरहोल्डर भी है। यह स्थिति भविष्य में टैरिफ, स्पेक्ट्रम और नीतिगत फैसलों को लेकर एक नया संतुलन बना सकती है।

AGR विवाद: बोझ टला, खत्म नहीं हुआ

यह समझना जरूरी है कि AGR राहत का मतलब कर्ज माफी नहीं है। भुगतान का बोझ टला है, खत्म नहीं। 2031-32 से 2040-41 के बीच Vi को भारी रकम चुकानी होगी। यानी कंपनी के पास अभी समय है—लेकिन यह समय तभी काम आएगा, जब ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में ठोस सुधार दिखे।

फाइनेंशियल्स में सुधार के संकेत

सितंबर 2025 तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि घाटा अब भी है, लेकिन उसकी रफ्तार धीमी हो रही है। नेट लॉस का 7,175 करोड़ से घटकर 5,524 करोड़ पर आना और रेवेन्यू में मामूली लेकिन स्थिर बढ़त—यह दर्शाता है कि कंपनी की बुनियादी सेहत पूरी तरह खराब नहीं हुई है।
पिछले 6 महीनों में शेयर का करीब 60% मजबूत होना बताता है कि बाजार भविष्य की संभावनाओं को पहले ही डिस्काउंट करना शुरू कर चुका है।

आगे का रास्ता: उम्मीद और जोखिम साथ-साथ

Vodafone Idea के सामने अब तीन बड़ी चुनौतियां हैं—

  1. 5G निवेश के लिए पूंजी जुटाना
  2. ARPU (प्रति यूजर औसत रेवेन्यू) में सुधार
  3. लंबी अवधि के AGR भुगतान के लिए कैश फ्लो तैयार करना

अगर प्रमोटर सपोर्ट, सरकारी सहयोग और ऑपरेशनल सुधार एक साथ चलते हैं, तो Vi की कहानी “सर्वाइवल” से आगे बढ़कर “रिकवरी” की बन सकती है। लेकिन अगर इनमें से कोई एक कड़ी कमजोर पड़ी, तो मौजूदा तेजी सिर्फ एक अस्थायी उछाल भी साबित हो सकती है।

Vodafone Idea आज भी जोखिम भरा स्टॉक है, लेकिन अब यह पूरी तरह निराशाजनक नहीं रहा। 1 जनवरी की तेजी ने बाजार को एक संदेश दिया है—Vi की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, और शायद असली अध्याय अब शुरू हो रहा है।