Mutual Fund Investment Tips: लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड के जरिए धन बनाने की चाह रखने वाले अधिकतर निवेशकों का ध्यान केवल एक ही सवाल पर होता है – “कौन-सा फंड सबसे ज्यादा रिटर्न देगा?” हालांकि, अनुभवी विशेषज्ञ मानते हैं कि जब लंबी अवधि की बात आती है, तो सबसे बड़ा रहस्य रिटर्न के पीछे भागना नहीं, बल्कि नियमित और लगातार बढ़ते हुए निवेश पर ध्यान केंद्रित करना है। आप बाजार से मिलने वाले रिटर्न को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन आप यह जरूर तय कर सकते हैं कि आप कितना और कितनी नियमितता से निवेश करते हैं।
तुलना से समझें: कम रिटर्न में भी कैसे बने बड़ा फंड?
इसे एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए दो निवेशक, A और B, 20 साल तक हर महीने SIP के जरिए निवेश करते हैं।
- निवेशक A: वह हर महीने 5,000 रुपये का निवेश करता है और उसे 14% का सालाना रिटर्न मिलता है। 20 साल में उसका कुल निवेश 12 लाख रुपये होगा और अंत में उसका कोष बढ़कर लगभग 65.82 लाख रुपये हो जाएगा।
- निवेशक B: उसे 10% का सालाना रिटर्न मिलता है, जो A से 4% कम है। लेकिन, वह हर साल अपने मासिक SIP के योगदान में 10% की बढ़ोतरी करता है (पहले साल 5,000 रुपये, दूसरे साल 5,500 रुपये, और इसी तरह)। 20 साल में उसका कुल निवेश 34.36 लाख रुपये होगा। हैरानी की बात यह है कि कम रिटर्न मिलने के बावजूद, अंत में उसका कोष लगभग 80.73 लाख रुपये का होगा।
नतीजा: सिर्फ 4% अतिरिक्त रिटर्न के पीछे भागने वाले निवेशक A के मुकाबले, अपने निवेश को नियमित रूप से बढ़ाने वाले निवेशक B का अंतिम कोष लगभग 15 लाख रुपये अधिक है। यह साफ दर्शाता है कि लंबी अवधि में धन निर्माण केवल रिटर्न पर नहीं, बल्कि आपके ‘योगदान (Contribution) की वृद्धि’ पर अधिक निर्भर करता है।
धन निर्माण का स्वर्णिम सिद्धांत: आप क्या नियंत्रित कर सकते हैं?
- रिटर्न नहीं, निवेश की मात्रा और नियमितता है आपके हाथ में: बाजार कब ऊपर जाएगा, कब नीचे आएगा, यह कोई नहीं बता सकता। लेकिन, आप यह तय कर सकते हैं कि आप हर महीने कितना पैसा निवेश करेंगे और कितने साल तक इसे जारी रखेंगे।
- जल्दी शुरुआत करें और अनुशासन बनाए रखें: निवेश में समय की ताकत सबसे बड़ी होती है। जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, पैसे को बढ़ने के लिए उतना ही अधिक समय मिलेगा। साथ ही, मार्केट के उतार-चादाव से घबराए बिना कम से कम 15-20 साल तक निवेश जारी रखने का अनुशासन जरूरी है।
- हर साल अपने SIP योगदान को बढ़ाएं: जैसे-जैसे आपकी आय बढ़ती है, अपने निवेश को भी बढ़ाने की आदत डालें। वार्षिक वेतन वृद्धि का एक हिस्सा सीधे अपने SIP में जोड़ दें। इस छोटे से कदम का दीर्घकालिक प्रभाव बहुत बड़ा होता है।
दोनों दुनिया का मजा: बढ़ता निवेश + अच्छा रिटर्न
अब एक आदर्श स्थिति की कल्पना करें। यदि निवेशक B की रणनीति (हर साल निवेश 10% बढ़ाना) को 14% के अच्छे रिटर्न के साथ जोड़ दिया जाए, तो परिणाम और भी शानदार होगा। इस स्थिति में, 20 साल बाद कोष का आकार 1.13 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है। यह दर्शाता है कि जब निवेश की ग्रोथ और अच्छे रिटर्न की शक्ति एक साथ काम करती है, तो धन निर्माण की गति अद्भुत हो जाती है।
निष्कर्ष
लंबी अवधि के निवेश की सफलता का राज जटिल स्टॉक पिकिंग या मार्केट टाइमिंग में नहीं, बल्कि सादगी और अनुशासन में छुपा है। बड़े रिटर्न के पीछे भागने के बजाय, अपनी ऊर्जा उन चीजों पर केंद्रित करें जिन पर आपका वास्तविक नियंत्रण है: निवेश की जल्दी शुरुआत करना, नियमित रहना, और आय बढ़ने के साथ अपने योगदान को लगातार बढ़ाते रहना। यही वह आधार है जो आपको न केवल एक बड़े कोष तक पहुंचाएगा, बल्कि बाजार के अनिश्चितताओं से आपकी रक्षा भी करेगा।
“निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं”





