मुंह में बार-बार छाले क्यों होते हैं? जानें असली कारण और अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे, छालों से मिल सकता है लंबा आराम

Munh Ke Chhale Kaise Theek Karen

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Munh Ke Chhale Kaise Theek Karen: मुंह में छाले न केवल खाने-पीने और बोलने में तकलीफ देते हैं, बल्कि कई बार इनका दर्द असहनीय हो जाता है। अक्सर लोग इनका अस्थायी इलाज करके राहत पा लेते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले छाले शरीर में किसी कमी या समस्या का संकेत भी हो सकते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मुंह के ये अल्सर विटामिन जैसे पोषक तत्वों की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं।

यदि छाले कभी-कभार होते हैं तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन इनका अक्सर होना चिंता का विषय बन सकता है।

मुंह के छालों से राहत पाने के प्रभावी देसी नुस्खे

1. हल्दी और शहद का मिश्रण

हल्दी अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जानी जाती है और शहद में घाव भरने वाले गुण होते हैं। यह जोड़ी छालों के दर्द से राहत दिलाने और उन्हें जल्दी ठीक करने में मदद कर सकती है।

  • उपयोग की विधि: आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और एक चुटकी हल्दी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस पानी से दिन में 2-3 बार कुल्ला करें।

2. नारियल पानी और नारियल तेल

नारियल तेल की तासीर ठंडी होती है, जो सूजन और जलन को शांत करती है।

  • उपयोग की विधि: नारियल के तेल को मुंह में डालकर 2-3 मिनट तक घुमाएं और फिर थूक दें। इससे आराम मिलता है।
  • आंतरिक उपयोग: रोजाना नारियल पानी पीने से पेट की गर्मी कम होती है, जिससे छाले ठीक होने में मदद मिलती है।

मुंह में छाले क्यों निकलते हैं? जानें संभावित कारण

मुंह के छाले केवल एक समस्या नहीं हैं, बल्कि शरीर के अंदर की कुछ अन्य स्थितियों का संकेत भी हो सकते हैं। इनके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:

  • संक्रमण: जैसे वायरल इन्फेक्शन (हर्पीस)
  • पाचन संबंधी समस्याएं: एसिडिटी या कब्ज की वजह से
  • पोषक तत्वों की कमी: शरीर में विटामिन B12, आयरन या जिंक की कमी
  • हार्मोनल बदलाव
  • तनाव और कमजोर इम्यूनिटी
  • ऑटोइम्यून बीमारियां: जैसे पेम्फिगस
  • कुछ दवाओं का सेवन

निष्कर्ष

मुंह के छालों से राहत पाने के लिए हल्दी-शहद और नारियल के उपाय प्रभावी साबित हो सकते हैं। हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि ये छाले किस अंतर्निहित कारण से हो रहे हैं। यदि समस्या बार-बार या लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसी चिकित्सक से सलाह लेना उचित रहेगा। अपने आहार और जीवनशैली पर ध्यान देकर भी इनसे बचाव किया जा सकता है।