Delhi Air Pollution: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजधानी के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने का निर्देश जारी किया है। शेष कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या कहता है आधिकारिक आदेश?
दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, “एनसीटी दिल्ली में संचालित सभी निजी कार्यालय 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ के साथ काम करेंगे, जो कार्यस्थल पर शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं होंगे। शेष स्टाफ को घर से काम करना अनिवार्य होगा।”
क्या हैं अतिरिक्त दिशा-निर्देश?
- कार्यालयों से अनुरोध किया गया है कि वे काम के घंटों को अलग-अलग समय पर शेड्यूल करें।
- वर्क-फ्रॉम-होम नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
- कार्यालय आने-जाने के दौरान वाहनों की आवाजाही को कम से कम रखने के प्रयास करें।
किन्हें मिली है छूट?
इस आदेश से अस्पतालों, निजी एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों, अग्निशमन सेवा, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, सफाई और अन्य आवश्यक या आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।
प्रदूषण का बिगड़ता स्तर
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी के स्तर तक पहुंच गई है। सोमवार को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया। शहर के 15 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो गंभीर प्रदूषण स्तर को दर्शाता है।
पिछले एक सप्ताह का AQI रिकॉर्ड:
- रविवार: 391
- शनिवार: 370
- शुक्रवार: 374
- गुरुवार: 391
- बुधवार: 392
- मंगलवार: 374
- सोमवार (पिछला): 351





