Indian Rupee Hit All Time Low: भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और घरेलू बाजारों से विदेशी निवेशकों की बड़ी निकासी के दबाव ने रुपये को नई गिरावट दर्ज कराई।
कितनी हुई गिरावट?
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.34 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट मुख्य रूप से इंटरबैंक ऑर्डर-मैचिंग सिस्टम पर देखने को मिली। इससे पहले, रुपया सितंबर के अंत और इस महीने की शुरुआत में अपने पिछले सबसे निचले स्तर 88.80 के आसपास था।
गिरावट के प्रमुख कारण
इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं:
- अमेरिकी ब्याज दरों में अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कमजोर पड़ने से डॉलर को मजबूती मिली है।
- विदेशी निवेशकों की निकासी: इस साल अब तक, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से लगभग 16.5 अरब डॉलर की निकासी कर ली है। यह रुपये पर दबाव का एक प्रमुख कारण बना हुआ है।
- व्यापारिक तनाव: अगस्त के अंत में अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए भारी टैरिफ के बाद से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इन कारकों के चलते, भारतीय रुपया इस साल एशिया की सबसे कमजोर perform करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया है। बाजार सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने पिछले कारोबारी सत्रों में 88.80 के स्तर का सक्रियता से बचाव किया था, लेकिन इस बार उसका हस्तक्षेप कम नजर आया।





