Kharate Kyu Aate Hai: खर्राटे केवल नींद में खलल डालने वाली आवाज़ नहीं हैं, बल्कि यह लंबे समय में आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकते हैं। अक्सर लोग मोटापा, गले की बनावट या सोने की मुद्रा को ही खर्राटों का मुख्य कारण मानते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शरीर में किसी विटामिन की कमी भी इसकी एक प्रमुख वजह हो सकती है। आइए जानते हैं कि किन विटामिनों की कमी से खर्राटे आने लगते हैं और इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है।
विटामिन डी की कमी: गले की मांसपेशियों को बनाती है कमजोर
विटामिन डी न सिर्फ हड्डियों के लिए, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए भी अत्यंत जरूरी है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो गले की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। नींद के दौरान ये कमजोर मांसपेशियां वायुमार्ग को पूरी तरह खुला नहीं रख पातीं, जिससे सांस लेने के मार्ग में रुकावट आती है और खर्राटे उत्पन्न होते हैं।
कमी को कैसे दूर करें?
- रोजाना सुबह की धूप में 15-20 मिनट बिताएं।
- अपने आहार में अंडे, दही और फैटी फिश (जैसे सैल्मन) जैसे विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
विटामिन बी12 की कमी: तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के समन्वय में डालती है बाधा
विटामिन बी12 हमारे तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के सही कामकाज के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से मांसपेशियों का समन्वय बिगड़ सकता है और गले की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। इसका सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है और खर्राटे आने लगते हैं।
कमी को कैसे दूर करें?
- डेयरी उत्पाद जैसे दूध और पनीर का सेवन बढ़ाएं।
- अंडे, चिकन और मछली को अपने नियमित आहार में शामिल करें।
पोषण का संतुलन है जरूरी
खर्राटों की समस्या को दूर करने के लिए सिर्फ बाहरी उपाय ही नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी पोषण स्तर पर भी ध्यान देना जरूरी है। विटामिन डी और बी12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना न केवल खर्राटों से छुटकारा दिला सकता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यदि समस्या गंभीर है, तो किसी चिकित्सक से सलाह लेना हमेशा उचित रहता है।





