8th Pay Commission: सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर प्रसारित एक फर्जी संदेश का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाली तथ्य-जांच इकाई पीआईबी फैक्ट चेक ने खंडन किया है। इस संदेश में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने वित्त अधिनियम 2025 पारित कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) वृद्धि और वेतन आयोग संशोधन जैसे सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ वापस ले लिए हैं।
आधिकारिक खंडन: दावा पूरी तरह फर्जी
पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि यह दावा #फर्जी (#Fake) है। एजेंसी ने इस संबंध में सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 37 का हवाला दिया है। इस नियम में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में शामिल कर्मचारी को दुर्व्यवहार के लिए बर्खास्त किया जाता है, तभी उसके सेवानिवृत्ति लाभ जब्त किए जा सकते हैं। यह नियम सामान्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होता।
फर्जी संदेश में क्या दावा किया गया था?
वायरल हो रहे झूठे संदेश में निम्नलिखित भ्रामक दावे किए गए थे:
- नए नियमों के तहत, पेंशनभोगी अब महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी या आगामी वेतन आयोग (जैसे कथित 8वें वेतन आयोग) के लाभों के हकदार नहीं रहेंगे।
- वित्त अधिनियम 2025 में यह प्रावधान किया गया है कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।
- इसका यह अर्थ निकाला गया कि वेतन आयोग के लाभ और डीए में बढ़ोतरी उन लोगों पर लागू नहीं होंगी जो पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
निष्कर्ष: भरोसा करें केवल आधिकारिक स्रोतों पर
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से अनुरोध है कि वे इस प्रकार के भ्रामक और निराधार संदेशों पर विश्वास न करें। ऐसी किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल सरकार के आधिकारिक विज्ञप्तियों या पीआईबी फैक्ट चेक जैसे प्रमाणित तथ्य-जांच प्लेटफॉर्म से ही करें। गलत सूचना फैलाने से बचें और दूसरों को भी सचेत करें।





