8th Pay Commission: आज से लागू हुआ 8वां वेतन आयोग? एरियर, सैलरी हाइक और फिटमेंट फैक्टर की पूरी डिटेल

8th Pay Commission Latest Update 2026

हमारे ग्रुप और चैनल से जुड़ें

💬 WhatsApp Group Join करें 🚀 Telegram Channel Join करें

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग केवल वेतन संशोधन का मामला नहीं है, बल्कि यह आने वाले दशक में सरकारी सेवा की दिशा, आकर्षण और आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा बड़ा संकेत है। इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या 1 जनवरी 2026 से सैलरी में बदलाव लागू हो सकता है, जबकि आयोग की सिफारिशें खुद 2027 तक आने की संभावना है।

यह सवाल जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। दरअसल, इसके पीछे सरकार की वित्तीय रणनीति, महंगाई का दबाव और लाखों कर्मचारियों की अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं।

2026 की तारीख क्यों अहम मानी जा रही है?

7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। परंपरागत रूप से हर वेतन आयोग की गणना पिछले आयोग की समाप्ति के तुरंत बाद की तारीख से की जाती रही है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों और जानकारों को उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग भी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है, भले ही उसकी रिपोर्ट बाद में आए।

अगर सरकार पिछली परंपरा का पालन करती है, तो इसका सीधा मतलब होगा—रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट यानी जब भी नई सैलरी लागू होगी, उसका एरियर जनवरी 2026 से दिया जाएगा। यही पहलू कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सहारा बन सकता है।

ToR में तारीख का जिक्र न होना: संयोग या संकेत?

इस बार एक असामान्य बात यह है कि 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में सैलरी संशोधन की प्रभावी तिथि का साफ उल्लेख नहीं है। आमतौर पर यह बिंदु स्पष्ट रहता है।

विशेषज्ञों की मानें तो यह या तो सरकार की रणनीतिक चुप्पी हो सकती है, या फिर वित्तीय लचीलापन बनाए रखने की कोशिश। इसी वजह से कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर यह मांग उठाई है कि प्रभावी तिथि को लेकर स्थिति साफ की जाए।

आयोग का गठन देर से, असर भी देर से?

सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी और इसके ToR को अक्टूबर 2025 में मंजूरी मिली। तुलना करें तो यह प्रक्रिया पिछले वेतन आयोगों की तुलना में धीमी रही है।

तीन सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं। अनुभव बताता है कि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 18–24 महीने लगते हैं। ऐसे में वास्तविक क्रियान्वयन 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में संभव दिखता है।

DA मर्जर पर विराम, फिटमेंट फैक्टर पर निगाह

हाल के महीनों में यह अटकलें तेज थीं कि महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जा सकता है, लेकिन सरकार ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के बयान से स्पष्ट है कि DA/DR की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

अब कर्मचारियों की असली नजर फिटमेंट फैक्टर पर है। यही वह गणितीय आधार है जो नई बेसिक सैलरी तय करता है। अगर फिटमेंट फैक्टर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर सिर्फ वेतन पर नहीं, बल्कि HRA, TA, पेंशन और ग्रेच्युटी तक पड़ेगा।

आगे क्या संकेत मिलते हैं?

8वां वेतन आयोग यह तय करेगा कि सरकारी नौकरी आने वाले वर्षों में कितनी प्रतिस्पर्धी और सुरक्षित रहेगी। बढ़ती महंगाई, प्राइवेट सेक्टर की सैलरी और युवाओं की अपेक्षाओं के बीच सरकार पर संतुलन बनाने का दबाव है।

संभावना यही है कि एरियर 2026 से, लेकिन नई सैलरी 2027–28 में—यही मॉडल अपनाया जा सकता है। कर्मचारियों के लिए यह इंतजार लंबा जरूर है, लेकिन दांव बड़ा है।