8th Pay Commission Update: देश भर के सरकारी कार्यालयों में इन दिनों आठवें वेतन आयोग की चर्चा गर्म है। लगभग 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से अधिक पेंशनभोगी इस समय इस आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या वाकई यह आयोग खुशखबरी लेकर आएगा और कब तक मिलेगी नई वेतन संरचना का फायदा? आइए, तथ्यों के आधार पर समझते हैं।
आयोग की भूमिका और समयरेखा
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता वाले आठवें वेतन आयोग का कार्य केवल वेतन बढ़ाना नहीं है। आयोग को मूल वेतन संरचना, विभिन्न भत्तों, पेंशन नियमों और सेवा शर्तों की समीक्षा करते हुए यह भी देखना है कि इन सिफारिशों का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
सरकार द्वारा आयोग के गठन की शर्तें (Terms of Reference) 28 अक्टूबर, 2025 को अधिसूचित की गई थीं। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से, रिपोर्ट अप्रैल 2027 तक सरकार के पास पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट प्राप्ति के बाद सरकारी विभागों द्वारा इसकी समीक्षा और मंत्रिमंडल की मंजूरी की प्रक्रिया में आमतौर पर 6 महीने और लग जाते हैं। इस प्रकार, नई वेतन संरचना 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद की जा सकती है।
फिटमेंट फैक्टर: वेतन बढ़ोतरी की चाबी
वेतन संरचना में बदलाव की कुंजी फिटमेंट फैक्टर (समायोजन गुणक) को माना जा रहा है। यह वह संख्या है जिससे मौजूदा मूल वेतन (Basic Pay) को गुणा कर नया वेतन तय किया जाएगा। विभिन्न विश्लेषणों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के लिए यह फैक्टर 1.86 से लेकर 2.57 के बीच हो सकता है। यह फैक्टर जितना अधिक होगा, वेतन वृद्धि का प्रतिशत उतना ही ज्यादा होगा।
वेतन में संभावित उछाल का अनुमान
एक वित्तीय सलाहकार फर्म एंबिट कैपिटल के अनुसार, यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 रहता है, तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये बढ़कर लगभग 32,940 रुपये हो जाएगी। यदि फैक्टर 2.46 जैसा उदार रहा, तो यह बढ़कर 44,280 रुपये तक पहुंच सकती है।
इसका मतलब है कि कर्मचारियों की वास्तविक आय (बेसिक पे + महंगाई भत्ता) में 14% से लेकर 54% तक की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, 54% की भारी वृद्धि को आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
विभिन्न ग्रेड पे के आधार पर अनुमानित वेतन (संक्षिप्त)
मान लें कि फिटमेंट फैक्टर 1.92 (मध्यम वृद्धि) या 2.57 (उच्च वृद्धि) है, तो विभिन्न ग्रेड पे पर कर्मचारियों की अनुमानित इन-हैंड सैलरी कुछ इस प्रकार हो सकती है (HRA, TA आदि को शामिल करते हुए):
- ग्रेड पे 1900: फैक्टर 1.92 पर लगभग *65,500 रुपये; फैक्टर 2.57 पर लगभग *86,500 रुपये।
- ग्रेड पे 2400: फैक्टर 1.92 पर लगभग *86,700 रुपये; फैक्टर 2.57 पर लगभग *1,15,000 रुपये।
- ग्रेड पे 4600: फैक्टर 1.92 पर लगभग *1,31,200 रुपये; फैक्टर 2.57 पर लगभग *1,74,600 रुपये।
सरकार का रुख क्या है?
8 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में दिए गए एक जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि आयोग लागू होने की कोई तारीख अभी तय नहीं है, और 1 जनवरी, 2026 से इसे लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि, यह भरोसा दिलाया गया कि आयोग की स्वीकृत सिफारिशों को लागू करने के लिए वित्तीय प्रबंध पहले से किया जाएगा।
संक्षेप में कहें तो आठवें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन वृद्धि का एक सम्मानजनक पैकेज मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता है, क्योंकि नई व्यवस्था लागू होने में अभी समय है। फिटमेंट फैक्टर का अंतिम आंकड़ा ही यह तय करेगा कि यह वृद्धि कितनी ‘बंपर’ साबित होती है।





